स्थान: भारत |तारीख: 31 February 2026 |रीड टाइम: 6 मिनट
भारतीय कारों में अब सेफ्टी सिर्फ एयरबैग या ABS तक सीमित नहीं रह गई है। कई ऐसे सिस्टम मौजूद हैं जो हर समय बैकग्राउंड में काम करते रहते हैं, लेकिन न तो विज्ञापनों में दिखते हैं और न ही ज़्यादातर रिव्यूज़ में ठीक से समझाए जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि यही छुपे हुए फीचर्स कई बार गंभीर हादसों में जान बचाने का काम करते हैं।
आपकी कार में छुपे ये सेफ्टी फीचर्स क्या आप जानते हैं?
1. Passenger Airbag ON/OFF Lock Feature: पैसेंजर एयरबैग ON/OFF लॉक
कारें: VW Virtus, VW Taigun, Skoda Slavia, Skoda Kushaq
इन कारों में फ्रंट पैसेंजर एयरबैग को एक फिज़िकल चाबी की मदद से बंद या चालू किया जा सकता है। यह फीचर खासतौर पर तब काम आता है जब सामने वाली सीट पर रियर-फेसिंग चाइल्ड सीट लगाई जाती है। ज़्यादातर कार मालिकों को इसके बारे में इसलिए पता नहीं होता क्योंकि यह जानकारी सिर्फ मैनुअल तक सीमित रह जाती है और डिलीवरी के समय समझाई नहीं जाती।
2. Accident Auto Door Unlock System: एक्सीडेंट के बाद ऑटो-डोर अनलॉक
कारें: Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Nexon, Mahindra XUV700
जैसे ही किसी गंभीर दुर्घटना में एयरबैग डिप्लॉय होते हैं, कार अपने-आप सभी दरवाज़े अनलॉक कर देती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि यात्री अंदर फँसे न रहें और रेस्क्यू टीम बिना देरी के मदद कर सके। यह फीचर इसलिए नज़र नहीं आता क्योंकि यह सिर्फ इमरजेंसी में ही सक्रिय होता है।
3. Fuel Supply Auto Cut-Off After Crash: फ्यूल सप्लाई ऑटो कट-ऑफ सिस्टम
कारें: Maruti Swift, Baleno, Tata Punch, Altroz
तेज़ टक्कर की स्थिति में इंजन तक जाने वाली फ्यूल सप्लाई अपने-आप बंद हो जाती है। इससे दुर्घटना के बाद आग लगने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह पूरी तरह साइलेंट सिस्टम होता है, इसलिए आम ड्राइविंग में इसका कोई अहसास नहीं होता।
4. Impact-Activated Cabin Light: इम्पैक्ट पर अपने-आप जलने वाली केबिन लाइट
कारें: Maruti Brezza, Hyundai Venue, Tata Tiago
अगर रात के समय कोई बड़ा हादसा होता है, तो इन कारों में केबिन लाइट अपने-आप ऑन हो जाती है। इसका उद्देश्य है कि कार और उसके अंदर बैठे लोग बाहर से आसानी से दिखाई दें। अक्सर लोग इसे इलेक्ट्रिकल खराबी समझ लेते हैं, जबकि यह जानबूझकर दिया गया सेफ्टी फीचर होता है।
5. Rear Seatbelt Reminder with Weight Sensor: रियर सीट बेल्ट रिमाइंडर (वेट सेंसर के साथ)
कारें: Tata Nexon, Tata Safari, Tata Harrier, Hyundai Verna
नई कारों में पीछे की सीट के लिए सिर्फ बेल्ट चेक नहीं किया जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि सीट पर कोई इंसान बैठा है या नहीं। अगर वजन डिटेक्ट होता है और बेल्ट नहीं लगी होती, तो चेतावनी मिलती है। इससे खाली सीट पर बेल्ट लगाकर सिस्टम को धोखा नहीं दिया जा सकता।
6. Speed-Sensing Door Lock with Crash Override: स्पीड-सेंसिंग डोर लॉक और क्रैश ओवरराइड
कारें: Hyundai i20, Kia Sonet, Maruti Grand Vitara
20 km/h की स्पीड के बाद दरवाज़े अपने-आप लॉक हो जाते हैं, जिससे चलते समय सुरक्षा बनी रहती है। लेकिन एक्सीडेंट की स्थिति में यही सिस्टम तुरंत लॉक खोल देता है। यह ड्यूल लॉजिक यात्रियों की सुरक्षा और रेस्क्यू दोनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
7. Emergency Brake Assist in Action: ब्रेक असिस्ट जो इमरजेंसी पहचान लेता है
कारें: Hyundai Creta, Kia Carens, Skoda Slavia
अगर ड्राइवर ब्रेक पैडल को अचानक और बहुत तेज़ दबाता है, तो सिस्टम समझ जाता है कि यह इमरजेंसी ब्रेकिंग है। ऐसे में कार अपने-आप ब्रेक प्रेशर बढ़ा देती है, जिससे गाड़ी कम दूरी में रुक सके। ज़्यादातर लोग इसे “अच्छे ब्रेक” समझ लेते हैं।
8. ISOFIX Child Seat with Smart Airbag Logic: ISOFIX चाइल्ड सीट और एयरबैग का इंटरलिंक
कारें: Tata Nexon, VW Virtus, Skoda Kushaq, Toyota Hyryder
जब ISOFIX चाइल्ड सीट लगाई जाती है, तो कार का सेफ्टी सिस्टम अपने आप एयरबैग और चेतावनी सेटिंग्स को एडजस्ट कर लेता है। इसका मकसद यह होता है कि बच्चे की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। यह तकनीक बहुत कम रिव्यूज़ में समझाई जाती है।
9. Anti-Rollover Electronic Stability Control (SUV): एंटी-रोलओवर इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल
कारें: Mahindra XUV700, Tata Safari, MG Hector
SUV कारों में ESC सिर्फ स्किड रोकने का काम नहीं करता। अगर सिस्टम को लगे कि गाड़ी के पलटने की संभावना है, तो यह इंजन पावर कम करता है और चुनिंदा पहियों पर ब्रेक लगाकर वाहन को संतुलित रखने की कोशिश करता है।
10. Silent Speed Limiter Feature: साइलेंट स्पीड लिमिटर
कारें: Hyundai Verna, Kia Seltos, VW Virtus
यह फीचर क्रूज़ कंट्रोल से अलग होता है। इसमें ड्राइवर एक अधिकतम गति तय करता है और कार उस सीमा से आगे नहीं जाती, चाहे एक्सेलरेटर पूरी तरह दबा दिया जाए। शहरों और नए ड्राइवरों के लिए यह फीचर बेहद उपयोगी साबित होता है।
असली बात जो कम लोग जानते हैं
भारतीय कारें सिर्फ फीचर लिस्ट के लिए नहीं बनाई जातीं, बल्कि भारतीय सड़कों, ट्रैफिक और दुर्घटनाओं के पैटर्न को ध्यान में रखकर इंजीनियर की जाती हैं। कई बार वही छुपा हुआ फीचर आपकी जान बचा देता है, जिसके बारे में आपको कभी बताया ही नहीं गया।



